बचन सिंह और संत कौर के दोनों लङकों की शादी हो चुकी थी । फिर दोनों लङकों बीच जमीन जायदाद के बंटवारे को लेकर क्लेश रहता था ।
आखिर तंग आकर जमीन और जायदाद के बंटवारे लिए बुजुर्ग परिवार ने अपनी लडकी को ससुराल से बुलवा लिया । लडकी ने २५ बीघे जमीन से दस दस बीघे जमीन दोनों भाईयों बीच बाँट दी । लडकी ने अपने हिस्से की पांच बीघे जमीन भी ढाई ढाई बीघे जमीन दोनों भाईयों बीच बांट दी । लडकी ने कहा "मेरी जमीन जायदाद मेरे माता पिता हैं ।’’ इतना बोल कर बचन सिंह और संत कौर को सेवा के लिए अपने ससुराल ले गई ।
– संपादक अदबी माला मुकतसर १५२०२६ भारत
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