Tuesday, August 18, 2026

हिन्दी लघुकथा (अङ्क ३६ मा प्रकाशित)


बचन सिंह और संत कौर के दोनों लङकों की शादी हो चुकी थी । फिर दोनों लङकों बीच जमीन जायदाद के बंटवारे को लेकर क्लेश रहता था । 

आखिर तंग आकर जमीन और जायदाद के बंटवारे लिए बुजुर्ग परिवार ने अपनी लडकी को ससुराल से बुलवा लिया । लडकी ने २५ बीघे जमीन से दस दस बीघे जमीन दोनों भाईयों बीच बाँट दी । लडकी ने अपने हिस्से की पांच बीघे जमीन भी ढाई ढाई बीघे जमीन दोनों भाईयों बीच  बांट दी । लडकी ने कहा "मेरी जमीन जायदाद मेरे माता पिता हैं ।’’ इतना बोल कर बचन सिंह और संत कौर को सेवा के लिए अपने ससुराल ले गई ।

– संपादक अदबी माला मुकतसर १५२०२६ भारत

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